आवृत्ति क्या है | फ्रीक्वेंसी की परिभाषा | मात्रक

विद्युत धारा दो प्रकार की होती है –

● प्रत्यावर्ती धारा
● दिष्टधारा

प्रत्यावर्ती धारा और दिष्ट धारा के बीच के अंतर के बारे में मैं आपको पहले ही बता चुका हूं ।

प्रत्यावर्ती धारा में कई तरह के मान होते है जैसे – शिखर मान, RMS मान, आवृत्ति, औसत मान आदि ।

यहां मैं आपको आवर्त्ति यानि फ्रीक्वेंसी, प्रत्यावर्ती चक्र, आवर्तकाल के बारे में बताने वाला हूं कि आप आवृत्ति किसे कहते हैं ? आवर्तकाल का मतलब क्या है ? परिभाषा और सूत्र

 

फ्रीक्वेंसी

 

आवर्त्ति के बारे में जानने से पहले आपको यह पता होना जरुरी है कि प्रत्यावर्ती धारा में चक्र क्या होता है तो सबसे पहले में आपको चक्र के बारे में जानकारी दूंगा ।

प्रत्यावर्ती धारा में चक्र ( cycle ) क्या है ?

प्रत्येक प्रत्यावर्ती धारा शून्य से प्रारंभ होकर अधिकतम धनात्मक मान से होते हुए पुनः शून्य होकर प्रथम अर्धचक्र पूरा करती है, जो धनात्मक अर्धचक्र कहलाता है ।

और फिर अधिकतम ऋणात्मक मान से होते हुए पुनः शून्य होकर अपना दूसरा अर्धचक्र पूरा करती है, जो ऋणात्मक अर्धचक्र कहलाता है ।

दोनों अर्धचक्रो को मिलाने पर यह एक पूर्ण प्रत्यावर्ती चक्र कहलाता है ।

आवर्ति क्या है ( What is Frequency in hindi )

प्रत्यावर्ती धारा या वोल्टेज द्वारा 1 सेकंड में पूरे किये गए चक्रों की संख्या आवर्त्ति ( फ्रीक्वेंसी ) कहलाती है ।

उदहारण – अगर AC एक सेकेंड में 50 चक्र पूरा करती है तो उसकी आवर्त्ति 50 Hz होगी ।

आवर्त्ति का मात्रक Hz है और इसे को f से प्रदर्शित करते हैं ।

अन्य –

वोल्ट, वॉट, एम्पियर, यूनिट, अश्वशक्ति क्या है ?

ध्वनि क्या है ध्वनि तरंगें कितने प्रकार की होती है

आवर्तकाल क्या है ?

AC को एक चक्र पूरा करने में लगने वाले समय को आवर्तकाल कहते हैं ।

आवर्तकाल = 1/आवर्त्ति

दिष्ट धारा की आवृत्ति कितनी होती है ?

आदर्श दिष्ट धारा की आवृत्ति शून्य होती है ।

भारत में आवर्त्ति कितनी है ?

भारत में प्रत्यावर्ती धारा की आवर्त्ति 50 Hz है ।

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