इंजीनियर क्या होता है? Engineer के प्रकार

यह टेक्नोलॉजी का युग चल रहा है आये दिन विभिन्न प्रकार के नए नए उपकरण बाजार में आ रहे हैं जिनके उपयोग से हमारा दैनिक जीवन काफी सुगम हो गया है। इन सभी टेक्नोलॉजी के संसाधनों को बनाने के लिए एक कुशल इंजीनियर की जरुरत होती है जो एक उपकरण के विचार मात्र को साकार करने में सक्षम हो।

क्या आप इंजीनियर के बारे में जानते हैं? क्या आपको पता है कि इंजीनियर कैसे बनते हैं? इंजीनियर कितने प्रकार के होते हैं? यहां मैं आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दूंगा।

इंजीनियर किसे कहते हैं

विभिन्न प्रकार की मशीन, उपकरण, सॉफ्टवेयर, इमारत आदि का डिज़ाइन, निर्माण, मरम्मत कार्य करने वाले व्यक्ति को इंजीनियर कहते हैं।

इंजीनियर को हिंदी में अभियंता कहते हैं और इंजीनियरिंग को हिंदी में अभियांत्रिकी कहते हैं।

इंजीनियर का काम क्या होता है

मानव जीवन से जुड़े विभिन्न कार्यों को सरल बनाने और विभिन्न प्रकार की तकनीकि समस्याओं से निजात पाने के लिए एक इंजीनियर गणित और विज्ञान का उपयोग करके विभिन्न प्रकार की मशीनें, उपकरण आदि का निर्माण करता है। जिससे कोई कार्य अधिक आसान हो जाता है।

किसी भी मशीन या ईमारत आदि का डिज़ाइन तय करना और उसे आकर्षक आकृति देना, संरचना को अधिक सरल बनाना, उसकी क्षमता को अधिक करना, उसे आसानी से उपयोग करने योग्य बनाना, उस चीज को बनाने में उपयोग की जाने वाली सामग्री तय करना, मशीन या उपकरण के निर्माण के पश्चात उसका विभिन्न मानकों पर परीक्षण करना तथा किसी प्रकार की खराबी आ जाने पर उसकी मरम्मत करना आदि सभी काम एक इंजीनियर के होते हैं।

इंजीनियर कितने प्रकार के होते हैं

विभिन्न प्रकार के कार्यों के अनुसार इंजीनियर भी विभिन्न प्रकार के होते हैं यहां मैं कुछ मुख्य प्रकार के इंजीनियर बताने वाला हूँ।

मैकेनिकल इंजीनियर

किसी मशीन, वाहन आदि के धात्विक भाग अथवा ढांचा और पुर्जों का निर्माण करने कार्य एक मैकेनिकल इंजीनियर का होता है। जो मशीन की बॉडी को सही आकर देता है।

इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर

बिजली से चलने वाले उपकरणों और मशीनों के परिपथों के कनेक्शन करना और उनकी फिटिंग करना, मशीनों की वाइंडिंग करना, उनका डिज़ाइन निश्चित करना आदि काम के लिए इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर की जरूरत होती है।

सिविल इंजीनियर

विभिन्न प्रकार के भवनों, इमारतों, सड़क, पुल आदि के निर्माण का कार्य एक सिविल इंजीनियर का होता है जो उसका डिज़ाइन, निर्माण सामग्री आदि तय करता है।

केमिकल इंजीनियर

एक केमिकल इंजीनियर का काम लैब में विभिन्न तरह के रसायनों और अन्य पदार्थों का परीक्षण करना होता है। जिससे विभिन्न प्रकार के तेल, क्रीम, दवाइयां आदि बनाई जाती हैं।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर

यह कोडिंग का उपयोग करके विभिन्न प्रकार के कंप्यूटर प्रोग्राम, ऑपरेटिंग सिस्टम, मोबाइल apps आदि बनता है।

इंजीनियर कैसे बनें

Engineering courses मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं:

डिप्लोमा कोर्स

यह दो अथवा तीन वर्षीय कोर्स होता है इसे सामान्यतः 10th के बाद किया जा सकता है। यह एक तरह का छोटा इंजीनियरिंग कोर्स होता है जिसे करने के बाद एक जूनियर इंजीनियर का पद मिल सकता है।

बेचलर डिग्री

यह चार वर्षीय बीटेक अथवा बीई कोर्स होता है इसे करने के लिए गणित और विज्ञान विषय से 12th पास होना जरूरी है। यह एक अंडर ग्रेजुएशन डिग्री होती है तथा यह डिप्लोमा कोर्स से बड़ा कोर्स होता है।

मास्टर डिग्री

यह पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स होता है इसे बीटेक अथवा बीई के बाद किया जाता है। यह 2 वर्ष का होता है। इसे करने के बाद आपको किसी संस्थान में प्रोफेसर का पद मिल सकता है या फिर किसी कंपनी में सीनियर इंजीनियर का पद भी मिल सकता है।

ऊपर दिए तीनों कोर्स में विभिन्न प्रकार की ब्रांच होती है, आपको जिस भी फील्ड में रूचि हो आप उसमे एडमिशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है

विभिन्न क्षेत्रों और कार्यों के अनुसार इंजीनियर की सैलरी भी अलग-अलग होती है एक इंजीनियर को शुरुआत में सामान्यतः लगभग 30 हजार से 50 हजार रूपये प्रतिमाह तक की सैलरी मिलती है। अनुभव और प्रमोशन के अनुसार सैलरी और बढ़ भी जाती है। कुछ बड़ी-बड़ी कंपनियां इससे ज्यादा सैलरी भी देती हैं जैसे बड़ी आईटी कंपनियां आईआईटी के छात्रों को 20 से 40 लाख सालाना तक के पैकेज देती हैं।

जैसा की मैंने पहले ही बताया कि ये टेक्नोलॉजी का जमाना है और आये दिन नए नए गैजेट्स बाजार में आ रहे है तो देखा जाये तो एक इंजीनियर के लिए करियर से जुड़े कई रास्ते खुल जाते हैं। अगर आपको इंजीनियर से जुड़ा क्षेत्र पसंद है तो आप किसी मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेज में इंजीनियर की पढ़ाई कर सकते हैं और एक इंजीनियर के रूप में आपने करियर बना सकते हैं।

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