सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग क्या है इसकी सैलरी कितनी है ?


वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी का उपयोग बहुत बढ़ गया है बहुत से छात्र टेक्निकल इंजीनियरिंग में करियर बनना चाहते हैं । इंजीनियरिंग कोर्स कई प्रकार के होते है जिनमे से एक है – सॉफ्टवेयर इंजीनिरिंग
 
कई छात्र सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते है क्योंकि इसका future bright है, कंप्यूटर, मोबाइल, स्मार्टवॉच जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, किसी न किसी सॉफ्टवेयर पर काम होते हैं ।
ऐसे में सॉफ्टवेर इंजीनियर की डिमांड बहुत बढ़ रही है और कंपनियां सॉफ्टवेर इंजीनियरों को बहुत बड़े बड़े पैकेज दे रही हैं ।
 

यहां मैं आपको सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग के बारे में ही बताने वाला हूँ कि सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग क्या है ? सॉफ्टवेर इंजीनियर बनने के लिए क्या करना पड़ता है ? सॉफ्टवेर इंजीनियर की सैलरी कितनी है ?

Software engineer course

 

 

सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग क्या है ?

सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग एक प्रकार का इंजीनियरिंग कोर्स है जिसमे विभिन्न प्रकार के software की designing, deployment, maintaining, testing सिखाया जाता है ।
इसमें कई प्रकार की कंप्यूटर लैंग्वेज की जानकारी दी जाती है जैसे – HTML, Java script, php, CSS, C++, बायनरी, पायथन इसके अलावा और भी कई प्रकार की लैंग्वेज सिखायी जाती हैं ।
इन कंप्यूटर लैंग्वेज के द्वारा कोडिंग (प्रोग्रामिंग) करके सॉफ्टवेयर को बनाया जाता है इन कंप्यूटर लैंग्वेज के बिना किसी भी सॉफ्टवेयर को नही बनाया जा सकता ।

इन्हें सीखने में काफी समय और मेहनत लगती है क्योंकि ये कंप्यूटर लैंग्वेज बहुत ही जटिल होती है इसे आसानी से नही समझा जा सकता, कोडिंग में हुयी एक छोटी सी भी गलती से पुरे सॉफ्टवेयर पर प्रभाव पड़ सकता है ।

 

सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए क्या करना पड़ता है

बहुत से ऐसे कोर्स हैं जिन्हें करके पर आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन सकते हैं –
10th के बाद आप सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कर सकते हैं, इसकी अवधि 3 वर्ष होती है ।

अगर आप सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में डिग्री करना चाहते है तो आप B.tech कर सकते है लेकिन बीटेक करने के लिए आपका 12th class में PCM विषयों से पास होना जरुरी है, जिसके बाद आपको एंट्रेंस एग्जाम क्वालीफाई करना होगा जिसके बाद आपको आपकी रैंकिंग के अनुसार किसी इंजीनियरिंग कॉलेज की सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की ब्रांच में प्रवेश मिलेगा ।

 
B.tech की अवधि 4 वर्ष होती है, B.tech के बाद आप चाहे तो M.tech करके सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में Masters कर सकते हैं ।
बीटेक के अलावा आप BCA या B.Sc in software engineering भी कर सकते हैं ।
 

सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जॉब और सैलरी की जानकारी

Software companies और IT sector में software engineers की बहुत डिमांड है ।
कुछ ऐसी कंपनियां भी हैं जो सॉफ्टवेयर इंजीनियर को लाखों रूपये की सैलरी देती हैं ।

Education, Experience, location आदि के हिसाब से ही नौकरी और सैलरी मिलती है ।

 
Software engineer को शुरुवात में कम से कम 20,000 से 40,000 की जॉब मिल सकती है ।
एक एक्सपर्ट सॉफ्टवेयर इंजीनियर को 70-80 लाख प्रतिवर्ष तक की सैलरी मिलती है
एक रिपोर्ट के मुताबिक गूगल कंपनी में काम करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर की औसतन सैलरी लगभग 1.2 करोड़ प्रतिवर्ष है ।

दिल्ली और बैंगलोर जैसे शहरों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की औसतन सैलरी 45,000 प्रतिमाह है ।

 

Final words : अगर आप Software engineering में interest है आप इसमें अपना करियर बना सकते है यह एक बेस्ट करियर ऑप्शन है

परंतु यदि आपको इसमें interest नही आप केवल इसकी सैलरी देखकर ही इसे करने जा रहे हैं तो ऐसा न करे, आपको वो कोर्स करना चाहिए जिसमें आपका intrest है क्योंकि अपनी पसंद के काम में आप इससे भी ज्यादा पैसे कमा सकते हैं ।

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