चुंबकीय क्षेत्र क्या है | चुंबक में कितने ध्रुव होते हैं


यहां मैं आपको एक ऐसी चीज के बारे में बताने वाला हूं जिसका electrical field में बहुत महत्व है बहुत से important नियम भी इसी की मदद से बने हैं ।
यह चीज है – चुंबक ( magnet )
 
यहां मैं आपको चुम्बक के बारे में जानकारी देने वाला हूं कि चुंबक क्या है और यह कितने प्रकार के होते है ?
 

chumbak kise kahte hai

चुंबक क्या है?

चुंबक एक ऐसा पदार्थ है जिसमें लोहे को आकर्षित करने का गुण पाया है ।
इसके अलावा यदि किसी छड़ चुंबक को हवा में स्वतंत्र अवस्था में लटकाया जाए तो उसके दोनों सिरे उत्तर – दक्षिण दिशा में ठहर जाऐंगे ।

 

प्रत्येक चुंबक के दो ध्रुव होते हैं –
● उत्तरी ध्रुव ( North Pole )
● दक्षिणी ध्रुव ( South Pole )

 

यदि किसी चुंबक के उत्तरी ध्रुव N को किसी दूसरी चुंबक के उत्तरी ध्रुव N के पास लाया जाये तो दोनों चुंबक एक दूसरे को प्रतिकर्षित करेंगी ।
यही क्रिया दोनों चुंबकों के दक्षिणी ध्रुव S पर भी समान रहेगी
और यदि किसी चुंबक के उत्तरी ध्रुव N को किसी दूसरी चुंबक के दक्षिणी ध्रुव S के पास लाया जाये तो दोनों चुंबक एक दूसरे को अकर्षित करेंगी ।

 

 

चुंबकीय क्षेत्र क्या है?

प्रत्येक चुंबक अपने चारों ओर स्वंय का अदृश्य चुंबकीय क्षेत्र स्थापित करती है इस चुंबकीय क्षेत्र के अंदर स्थित प्रत्येक वस्तु पर चुम्बक अपना प्रभाव डालती है ।

 

यह चुंबकीय क्षेत्र, चुंबकीय बल रेखाओं द्वारा निर्मित होता है ।

 

चुंबक कितने प्रकार के होते हैं 

 ● प्राकृतिक चुंबक – ये प्रकृति में पाया जाता हैं जिसे Lodestone कहा जाता है ये अधिक शक्तिशाली नहीं होते ।

 

● कृत्रिम चुंबक – ये मानव निर्मित हैं और ये प्राकृतिक चुम्बक से कई गुना अधिक शक्तिशाली होते हैं ।

 

कृत्रिम चुंबक भी दो प्रकार प्रकार के होते हैं –
● स्थायी चुंबक – इनमें चुंबकीय गुण स्थायी होते हैं इनका उपयोग लाउडस्पीकर, यंत्रों आदि में किया जाता है ।

 

● अस्थायी चुंबक – ये विद्युत चुंबक होता है इनका चुंबकीय गुण अस्थायी होता हैं जो केवल विद्युत प्रवाह होने तक ही विद्यमान रहता हैं ।
नीचे चित्र में एक अस्थायी विद्युत चुम्बक दर्शाया गया है –

यदि किसी चुंबक को अधिक गर्म किया जाए या अधिक आघात पहुंचाया जाए तो उसका चुंबकत्व नष्ट हो जाता है ।

 

 

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