स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा ( Potential and Kinetic energy )

ऊर्जा कई प्रकार की होती है यहां मैं आपको स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा के बारे में बताने वाला हूं कि स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा क्या है और इन दोनों के बीच क्या अंतर है ( सूत्र और उदाहरण सहित ) ( Potential energy and kinetic energy in hindi )
स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा क्या है

 

ऊर्जा किसे कहते हैं ?

किसी वस्तु के कार्य करने की क्षमता को उस वस्तु की ऊर्जा कहते हैं, ऊर्जा का SI मात्रक जूल है ।

 

स्थितिज ऊर्जा क्या है ? ( Potential energy )

किसी वस्तु में उसकी स्थिति और अवस्था के कारण उसमें जो ऊर्जा उत्पन्न होती है उसे स्थितिज ऊर्जा कहते हैं ।

 

स्थितिज ऊर्जा = द्रव्यमान × गुरुत्वीय त्वरण × ऊंचाई

 


उदाहरण – अगर किसी स्प्रिंग को खींच कर छोड़ दिया जाए तो वह पुनः अपनी पूर्व स्थिति में वापस लौट जाती है इस स्प्रिंग की विशेष अवस्था के करना होता है ।
स्प्रिंग के पुनः अपनी स्थिति में लौटने में स्प्रिंग की कुछ ऊर्जा व्यय होती है यह स्थितिज ऊर्जा होती है जो स्प्रिंग की विशेष अवस्था या बनवाट के उसमे उत्पन्न होती है ।

 

गतिज ऊर्जा क्या है ? ( Kinetic energy )

गति करती हुई किसी वस्तु में उसकी गति के कारण जो जो ऊर्जा उत्पन्न होती है उसे गतिज ऊर्जा कहते हैं ।
विराम स्थिति में रखी किसी वस्तु में गति उत्पन्न करने के लिए बल की आवश्यकता होती है यही बल वस्तु में गतिज ऊर्जा के रूप में परिवर्तित हो जाता है ।

 

गतिज ऊर्जा = 1/2 × द्रव्यमान × वेग

 

उदाहरण – जब धनुष को खींचा जाता है तो उसे खींचने में लगाया गया बल, गतिज उर्जा में परिवर्तित हो जाता है जिससे धनुष द्वारा तीर छोड़ा जाता है ।

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