पॉलिटेक्निक और आईटीआई के बीच का अंतर

आजकल बेरोजगारी बहुत बढ़ गयी है जिसके कारण हर छात्र इस कोर्स करना चाहता है जिसे करने के बाद उसे आसानी से नोकरी मिल जाये ।
वर्तमान समय में कई तरह के कोर्स चलन में हैं जिसके कारण छात्र कन्फ्यूज़ हो जाते हैं कि कोनसा कोर्स बेस्ट है और उन्हें किस कोर्स का चयन करना चाहये ।

 

अगर आप टेक्निकल फील्ड में जाना चाहते है तो इसके लिए ये तीन कोर्स सबसे ज्यादा पॉपुलर हैं –
बीटेक या B.E. के बारे में लगभग सभी लोगों को पता होता है कि ये इंजीनिरिंग कोर्स है लेकिन आईटीआई और पॉलिटेक्निक कोर्स के बीच क्या अंतर है इसके बारे में लोग कंफ्यूज रहते हैं ।

यहां मैं आपको इसीके बारे में जानकारी देने वाला हूँ कि आईटीआई और पॉलिटेक्निक कोर्स में से कोनसा कोर्स आपके लिए सही है ? 

iti vs polytechnic

 

ITI और Polytechnic में कोनसा कोर्स सही है ?

सबसे पहले तो हम ये जान लेते है की इन दोनों कोर्स में एडमिशन कैसे होता है ?
आईटीआई में एडमिशन लेने के लिए मान्यता प्राप्त बोर्ड से दशवीं पास होना बहुत आवश्यक है इसके बाद काउंसलिंग द्वारा परसेंटेज बेस पर मेरिट लिस्ट निकली जाती जिसके अनुसार आईटीआई में एडमिशन मिलता है ।

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के लिए भी छात्र का मान्यता प्राप्त बोर्ड से दसवीं पास होना आवश्यक है इसके बाद एक एंट्रेंस एग्जाम (जिसे पीपीटी एग्जाम कहते हैं) के द्वारा एडमिशन दिया जाता है ।

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पाठ्यक्रम अवधि कितनी है ?

ITI कोर्स 1 या 2 साल का होता है। इलेक्ट्रीशियन, फिटर आदि 2 साल के कोर्स हैं और ड्राफ्ट्समैन और स्टेनोग्राफर 1 साल के कोर्स है।
पॉलिटेक्निक कोर्स 3 साल का होता है ।

 

पाठ्यक्रम क्या है ?

आईटीआई कोर्स में आपके ट्रेड से जुड़े कार्य की वर्कर लेवल की जानकारी दी जाती है जैसे इलेक्ट्रीशियन में मोटर वाइंडिंग, फिटर में लेथ मशीन और जॉब निर्माण आदि। इसके अलावा आईटीआई में एक ही प्रकार के सब्जेक्ट को दोनों साल पढ़ाया जाता है मतलब इसमें हर बार नया सब्जेक्ट नहीं आता।


पॉलिटेक्निक में ट्रेड आईटीआई से ज्यादा जानकारी दी जाती है और इसमें हर सेमेस्टर में भिन्न भिन्न प्रकार के विषयों की जानकारी दी जाती है।

कोर्स की फीस कितनी है ?

अगर फीस की बात की जाये तो दोनों ही कोर्सो की फीस में मामूली अंतर है और ये दोनों ही निम्न शैक्षणिक शुल्क वाले कोर्स हैं।

करियर एवं नौकरी के अवसर

कोर्स चाहे कोई भी हो लेकिन सबसे महत्वपूर्ण चीज ये होती है कि उस कोर्स को करने के बाद नौकरी की संभावना कितनी है ।
दोस्तों आईटीआई कोर्स करने के बाद आपको वर्कर लेवल का कार्य दिया जायेगा जिसमे आपको इंजीनियर द्वारा बताया गया कार्य करना होगा और इस जॉब में आपकी प्रारंभिक सैलरी 10 से 20 हज़ार के लगभग होगी।
पॉलिटेक्निक डिप्लोमा करने के बाद आपको जूनियर इंजीनियर अथवा सुपरवाइजर की जॉब मिकेगा जिसका कार्य आईटीआई वाले कर्मचारियों को निर्देश देना व उनके द्वारा किये जाने वाले कार्य की देखरेख करना होता है। और इनकी प्रारम्भिक सैलरी 15 से 30 हज़ार रुपये के आसपास होती है ।

 

लेकिन अगर में आपसे कहूँ कि किसी कंपनी में वर्कर ज्यादा होते हैं या इंजीनियर तो आप क्या कहेंगे ?
जी हां आपका उत्तर यही होगा की वर्कर ज्यादा होंगे और इंजीनियर काम
इसका सीधा सीधा मतलब ये है कि किसी भी कंपनी में Workers की मांग अधिक होती है यानि इसमें आपके नौकरी के अवसर अधिक होते है ।

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